बिना मास्क अकेले कार चला रहे वकील का कटा 500 रुपये का चालान, सरकार से मांगा 10 लाख का मुआवजा

0
225

अपनी याचिका में वकील सौरभ शर्मा का कहना है कि उन्हें 9 सितंबर को पूर्वी दिल्ली के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट द्वारा एक चालान जारी किया गया था, जबकि वह अकेले गाड़ी चला रहे थे।

रिपोर्ट के मुताबिक अपनी याचिका में उन्होंने कहा है, “09.09.2020 को लगभग 11 बजे, अपने कार्यालय जाने के दौरान, याचिकाकर्ता की कार को दिल्ली पुलिस के अधिकारियों द्वारा गीता कॉलोनी के पास रोक दिया गया था। एक पुलिस कांस्टेबल अरोड़ा ने उनका फोटो लिया, जबकि याचिकाकर्ता अभी भी अपनी कार में बैठे हुए थे और उसे कार से उतरने का निर्देश दिया।”

याचिका में कहा गया है कि शर्मा ने निजी वाहन में अकेले यात्रा करते समय मास्क पहनने के लिए कार्यकारी आदेश को देखने की मांग की। हालांकि, अधिकारी उन्हें ऐसा कोई आदेश नहीं दिखा सके, लेकिन फिर भी उनसे 500 रुपये का जुर्माना लिया गया।
इसलिए, शर्मा ने मांग की कि चालान को रद्द कर दिया जाए, 500 रुपये का जुर्माना वापस किया जाए और उन्हें मुआवजा भी दिया जाए।

वह आगे कहते हैं कि “शहर की जनता पर बिना किसी कानूनी अधिकार के जुर्माना लगाया जा रहा है और इसलिए माननीय न्यायालय द्वारा इसे खारिज किया जा सकता है”।
याचिकाकर्ता ने अधिकारियों को अकेले यात्रा करते समय मास्क नहीं पहनने पर किसी के खिलाफ जुर्माना लगाने से रोकने के लिए एक दिशा-निर्देश दिए जाने की भी मांग की है।

व्यक्तिगत वाहन, अकेले यात्रा करते समय सार्वजनिक स्थान नहीं’
शर्मा ने अपनी याचिका में कहा है कि चालान में बताया गया अपराध यह है कि उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर मास्क नहीं पहना है। हालांकि, उनका दावा है कि अकेले यात्रा करते समय उनका “निजी वाहन सार्वजनिक स्थान नहीं है।”
“यह एक निजी क्षेत्र है और इसलिए अकेले यात्रा करते समय मास्क पहनने की जरूरत की तुलना सार्वजनिक स्थान पर मास्क पहनने से नहीं की जा सकती।”

शर्मा ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के स्पष्टीकरण का भी जिक्र किया है जिसमें लोगों को अकेले यात्रा करने के लिए मास्क पहनने के निर्देश देने के लिए कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किया है। मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण इस महीने की शुरुआत में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान दिया था।
उन्होंने यह भी कहा है कि लॉकडाउन के आंशिक रूप से हटाए जाने के साथ ही, कई सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ होती है, जिसमें लोग मास्क पहनने और सामाजिक दूरी रखने के नियमों का उल्लंघन करते हैं।
शर्मा ने कहा, “जब दुकानों में भीड़भाड़ हो जाती है तो न तो दुकानदारों पर जुर्माना लगाया जाता है और न ही नियम तोड़ने वाले ग्राहकों पर। हालांकि, याचिकाकर्ता की तरह अगर लोग अपनी कार में अकेले यात्रा करते समय अपने चेहरे पर मास्क रखने में नाकाम रहते हैं, तो पुलिस उन पर जुर्माना लगा देती है और वह भी बिना किसी अधिकार के।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.